1,000 जापानी भाषा शिक्षक होंगे तैयार

नई दिल्ली। जापानी भाषा के 1,000 शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के इरादे से यहां जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर  विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह के अलावा जापान के राजदूत केन्जी हीरामात्सु और विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर जगदीश कुमार आदि मौजूद थे।

 यह केन्द्र विदेश मंत्रालय, जापानी दूतावास औऱ जापान फाउंडेशन  के सहयोग से खोला गया है। पिछले साल सितम्बर में  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री शिंजो एबे की शिखर बैठक के दौरान यह तय किया गया था कि 2022 तक एक हजार जापानी भाषा के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा देश के सौ अग्रणी शिक्षण संस्थानों में जापानी भाषा सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जाएगा।  उद्घाटन के मौके पर विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने कहा कि जापान भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है । इससे जनता स्तर पर सम्पर्क मजबूत होगा और भारत में खुल रहे कई जापानी उद्यमों को काफी मदद मिलेगी। इस मौके पर  जापानी राजदूत ने केन्द्र की स्थापना के लिये सभी भागीदार संस्थानों को धन्यवाद दिया।

नागपुर में खुलेगा एरोस्पेस एंड डिफेंस सेंटर

नई दिल्ली। नागपुर में अत्याधुनिक एरोस्पेश एंड डिफेंस सेंटर बनाने के इरादे से टाटा टेकनालीज लि. ने विदर्भ ड़िफेंस इंड्स्ट्रीज एसोसियेशन के साथ सहमति के एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री देवेन्द्र फडणवीस की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ।

यह समझौता मेड इन विदर्भ- एरोस्पेस इंड डिफेंस समिट के दौरान दोनों पक्षों के बीच सम्पन्न किया गया। यह समझौता  मेड इन इंडिया पहल के अनुरूप किया  गया है। नागपुर में इस सेंटर को खोलने की वजह से महाराष्ट्र में रक्षा साजसामान बनाने को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्वदेशी उन्नत रक्षा  तकनीक के घरेलू  विकास में मदद मिलेगी और देश में ही रक्षा साज सामान के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इससे माइक्रो, स्माल और मीडियम उद्योगों का कौशल विकास होगा जिससे भारत के एरोस्पेस उद्योग को वैशिवक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी बनाने में मदद मिलेगी।

एरोस्पेस एंड डिफेंस सेक्टर के लिये एक कामन फेसिलिटेशन सेंटर- निर्माण – की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा उच्च स्तर के कौशल विकास के लिये उड़ान नाम की एक संस्था भी स्थापित होगी।

लागू हो रही है शेकातकर कमेटी की रिपोर्ट

नई दिल्ली। सेना की लड़ाकू क्षमता और रक्षा खर्च को  पुनर्गठित करने के मसलों पर विचार करने के लिये गठित शेकातकर कमेटी की रिपोर्ट के कई हिस्से स्वीकार कर लिये गए हैं और  इन्हें लागू किया जा रहा है।

 रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने अम्बिका सोनी और टी सुब्बारानी रेड्डी के एक सवाल के जवाब में लोकसभा में सोमवार को बताया कि शेकातकर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दिसम्बर, 2016 में सौंपी थी। रक्षा मंत्रालय ने कुछ सुझावों  को व्यवहार में लाने और उन्हें लागू करने के रोडमैप तैयार करने के लिये काम शुरू कर दिया  है।

  निम्न  मुख्य सुझाव हैं जिन पर कार्रवाई की गई है:

  1. सिगनल संस्थानों को संतुलित बनाने के  लिये इसमें रेडियो मानटरिंग कम्पनियां,. कोर एयर सपोर्ट सिगनल रेजीमेंट, एयर फार्मेशन सिगनल रेजीमेंट , कम्पोजिट सिगनल रेजीमेंट शामिल  किया गया है। इसके अलावा इंजीनियरिंग सिगनल रेजीमेंटों का विलय  किया गया।
  2. थलसेना की मरम्म करने वाली यूनिटों का पुनर्गठन  किया गया। इसमें बेस वर्कशाप, एडवांस बेस वर्कशाप, और स्टेटिक स्टेशन वर्कशाप शामिल हैं।
  3. सेना की आयुध इकाइयों का पुनर्गठन जिसमें शामिल है वेहीकल डिपो, आर्डनेंस डिपो , और सेन्ट्रल आर्डनेंस डिपो
  4. सप्लाई और परिवहन इकाइयों  और पशु परिवहन इकाइयों का बेहतर इस्तेमाल,
  5.  शांति  के इलाकों में मिलिट्री फार्म्स और आर्मी पोस्टल इसटैबलिशमेंट्स को बंद करना।
  6. सेना में क्लर्कों और ड्राइवरों की भर्ती का स्तर बढ़ाना
  7. नेशनल कैडेट कोर की कार्यक्षमता को बढ़ाना

 सरकार ने बताया कि शेकातकर कमेटी की पूरी रिपोर्ट औऱ सिफारिशों को आपरेशनल वजहों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इसका खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से ठीक नहीं होगा। सेना की लड़ाकू क्षमता को बढाना सतत प्रक्रिया है और वक्त वक्त पर जरूरी कदम उठाए जाते हैं।

ITBP की पहल से नक्सली लौट रहे हैं मुख्य धारा में, 2 ने किया आत्मसमर्पण

नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सिविल एक्शन प्रोग्राम की पहल से नक्सली इलाकों में किशोर तथा युवा मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। नक्सल बहुल इलाके कोंड गांव के हडेली में जब इस सशस्त्र बल की 41वीं बटालियन ने जनवरी, 2018 में काम करना शुरू किया था तब शुरुआती दौड़ में बच्चे शिविर में आने से डरते और हिचकते थे।

प्रवक्ता के मुताबिक जब ITBP ने यहां के किशोरों को पढ़ाई व रोजगार से जोड़ने की पहल शुरू तो न केवल स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी बल्कि रोजगार के नए-नए अवसर मिलने शुरू हो गए। जिसका परिणाम यह है कि आज इस इलाके में किशोर अपने सकारात्मक भविष्य से सजग हुए हैं।

इसी मुहिम की देन है कि आज (23 जुलाई) हत्या में शामिल दो नक्सलियों ने हडेली में ITBP के सामने आत्मसमर्पण किया। यह हैं- 1. Kilam Jantana Sarkar के सदस्य गुलाब सिंह पुत्र सरकाराम (38 वर्ष), निवासी- डोडेम पाड़ा गांव कडेनार। 2. Janmilitia सदस्य बिज्जू उर्फ संजीव (30 वर्ष), पुत्र गुदराम निवासी, गांव- ऐन्काली।

इमरान जीते तो चीन-पाक आर्थिक गलियारा खटाई में ?

लॉस एंजेल्स से ललित मोहन बंसल…

पाकिस्तानी आम चुनाव के नतीजे यदि इमरान खान के पक्ष में गए तो क्या चीन द्वारा बनाए जा रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के भविष्य पर आंच आएगीअमेरिकी मीडिया में इसे लेकर शक जाहिर किये जा रहे हैं। पाकिस्तान में इन दिनों सेना के समर्थन में नई सरकार के गठन में आतुर पूर्व क्रिकेटर की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़’ पहले दिन से ही इस परियोजना के पीछे हाथ धोकर पड़ी है। इमरान का कहना  है कि तत्कालीन प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सोचे समझे बिना इस परियोजना को आँख मूँद कर मंज़ूरी दे दी। उन्होंने इस के लिए अन्तर्राष्ट्रीय क़ायदेक़ानूनों की भी परवाह नहीं की तथा एक तानाशाह के रूप में मनचाहे सौदे कर लिए।  25 जुलाई को हो रहे  इन चुनावों में भले ही एक दर्जन पार्टियाँ चुनाव मैदान में हैं लेकिन मुक़ाबला पाकिस्तान मुस्लिम लीगनवाज़पाकिस्तान पीपल्स पार्टी और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ के बीच है। पिछले दिनों देश की सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ को कथित भ्रष्टाचार के आरोप में दस साल की सज़ा दे कर अदीयाला जेल में ठूँस दिया हैहालाँकि वह सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले को सही नहीं ठहराते और इसमें मिलिट्री की सोची समझी साज़िश बता रहे हैं। इस फ़ैसले से चीन को झटका लगा है और उसने मौजूदा अंतरिम सरकार से परियोजना के बारे में बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है।

यह  चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग  की एक महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने इसकी शुरुआत एक मित्र देश पाकिस्तान से की और इसे एक आदर्श माडल के रूप में 62 अरब डालर ख़र्च किए जाने का प्रावधान कराया। इसके लिए पाकिस्तान के प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ को भरोसे में ले कर सी पी ई सी कारिडोर परियोजना में पोर्टरेलवेसड़क और पाईपलाइन के ज़रिए इंफ़्रास्ट्रक्चर पर पिछले तीन सालों में आधी से अधिक धनराशि व्यय की । नवाज़ शरीफ़ के आग्रह पर लाहौर में मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण कार्य भी शुरू करा दियाहालाँकि इसका देश भर में ख़ासा विरोध हो रहा है। इस पर नवाज के अनुरोध पर चीन ने पेशावरक्वेटा और कराची में भी मेट्रो निर्माण का फ़ैसला लिया जा चुका है। इन परियोजनाओं के पीछे शी चिन फिंग का उद्देश्य पाकिस्तान के माडल पर दुनिया के विभिन्न भागों में ऐसे अनेक कॉरिडोर बनाना था कि वह व्यापार के भरोसे दुनिया का दिल जीत सके। हालाँकि भारत और यूरोप के कुछेक देश बेल्ट एंड रोड परियोजना में पारदर्शिता नहीं बरते जाने के ख़िलाफ़ पहले से ही अंगुली उठाते आ रहे हैं।

इन योजनाओं में अभी तक 19 अरब डालर की योजनाएँ पूरी हो चुकी हैं अथवा समाप्ति के क़रीब बताई जाती है। इन परियोजनाओं में लाहौर में ओरेंज लाइन मेट्रों का काम बाइस महीनों तक बंद रहने के बाद पिछले दिनों शुरू हुआ है। दो अरब डालर की यह परियोजना पूर्व प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई तथा पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री शहबाज़ शरीफ़ पर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों और अदालती विवादों के कारण कटघरें में आ चुकी है। इधर पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति दिन पर ख़राब होती जा रही है। उसे करेंट अकाउंट बरक़रार रखने के लिए जहाँ चीन से हाल में तीन अरब डालर दो प्रतिशत ब्याज पर लेना पड़ा हैवहीं आई एम एफ ने भी आठ से दस अरब डालर के ऋण नहीं चुकाए जाने के कारण पाकिस्तान की नई सरकार पर संकट खड़े करने की धमकी दे दी है।

वाल स्ट्रीट जर्नल की माने तो पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले चुनाव में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीके इंसाफ़ (पीटीआई)  सेना के  समर्थन से जीत सकती है। इमरान की पार्टी को मिलिट्री और ख़ुफ़िया एजेंसी का समर्थन बताया जाता है। इमरान खान चुनावी सभाओं में चीनी परियोजनाओं में नवाज़ शरीफ़ को भारी घूस दिए जाने के आरोप लगा चुके हैं। चीन ने पाकिस्तान की विभिन्न योजनाओं में कोयला और धातुसड़क मार्गहाइड्रोरेल मार्गसोलर और विंड ऊर्जा पर 62 अरब डालर लगाने की परियोजनाएँ शुरू की थीं। इनमें बलूचिस्तान में ग्वादार बंदरगाह परियोजना भी पूरी नहीं हो सकी है। इसमें कार्गो ट्रैफ़िक बहुत कम हैतो वहाँ रोज़गार की समस्या मूँह बाएँ खड़ी है। चीन सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं और वह नई सरकार से ही बातचीत कर आगे क़दम बढ़ाना चाहती है।

मेरीन कमांडोज का हौसला बढ़ाने नेवी चीफ घाटी पहुंचे

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ मेरीन कमांडोज सेना के साथ मिलकर कई ऑपरेशन को अंजाम दे चुकी है। आतंकियों से लोहा ले रहे नेवी के कमांडोज की हौसला अफजाई के लिए चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन व चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल सुनील लांबा रविवार को कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे।

नौसेना प्रमुख लांबा ने जम्मू-कश्मीर के गवर्नर एनएन वोहरा से राजभवन में बैठक में राज्य के सुरक्षा हालात, चुनौतियों व कश्मीर में नेवी की भूमिका जैसे मुद्दों पर बातचीत की। इस दरम्यान गवर्नर ने वुल्लर व डल झीलों के संरक्षण पर विचार-विमर्श करने के साथ जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नेवी में भर्ती के लिए जागरूक किए जाने में भी एडमिरल लांबा का सहयोग मांगा।

गवर्नर ने कश्मीर में बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने में नेवी की भूमिका की भी सराहना की। इस दौरान गवर्नर ने याद किया कि 04 साल पहले घाटी में किस तरह से नौसेना के मारमोस कमांडोज ने जेमिनी वोट व आधुनिक उपकरणों की बदौलत बाढ़ की चपेट में आए सैकड़ों लोगों को बचाकर नई जिंदगी दी थी।

उनका कहना था कि नेवी की वजह से बचाव में जुटे एनडीआरएफ व अन्य एजेंसियों के अभियान में भी तेजी लाना संभव हो सका था। नौसेना ने राहत-बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए पानी के चैनल बनाए थे। इससे पहले एडमिरल लांबा के श्रीनगर पहुंचने पर बादामी बाग छावनी में चिनार कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने उनका स्वागत किया। कोर कमांडर ने सुनील लांबा को कश्मीर के सुरक्षा हालात और लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सेना द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी।

VIDEO: करगिल शहीदों की याद में पैदल मार्च, दी इंडिया गेट पर श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। करगिल युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली के क्नॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क से इंडिया गेट तक रविवार (22 जुलाई) को पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व सैनिकों, नागरिकों तथा नेशनल कैडेट कोर के कैडेटों ने जोश व देश प्रेम के जज्बे के साथ बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

जनरल वीके सिंह

‘वेटरन्स इंडिया’ नामक राष्ट्रीय संस्था द्वारा आयोजित इस पैदल मार्च को केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह तथा बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने झंडी दिखाकर रवाना किया। खुशगवार मौसम, हरे भरे वातावरण, बारिश तथा उमंग-उत्साह के बीच यह परेड कस्तूरबा गांधी मार्ग, माधवराव सिंधिया मार्ग, मानसिंह रोड होते हुए इंडिया गेट पहुंची। वहां अमर-ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

राजपथ पर विज्ञान भवन के पास बनाए गए पंडाल में शहीदों को याद किया गया। इस अवसर पर जनरल वीके सिंह ने करगिल वीरों को याद किया और देश के लोगों से अपील की कि जवानों और पूर्व सैनिकों का सम्मान देशवासियों का फर्ज है। परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेंद्र यादव ने भी करगिल युद्ध से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मेजर जनरल जीडी बक्शी ने अपने अंदाज में आतंकवादियों को आगाह करते हुए कहा कि वे भारत की ओर नजर उठाना बंद कर दें वरना नेस्तानाबूद कर दिए जाएंगे। ‘वेटरन्स इंडिया’ के संस्थापक व राष्ट्रीय अघ्यक्ष बीके मिश्रा ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और इसके लिए त्याग करने वालों का सम्मान होना चाहिए।

बड़ी संख्या में सम्मलित होने आए NCC के कैडेटों ने बताया कि इस पैदल मार्च में शामिल होकर हमें गर्व की अनुभूति हुई। दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कॉलेज की महिला कैडेट आज के अवसर को देश प्रेम की भावना जागृत होने के रूप में देखती हैं। पूसा के कैडेटों के अनुसार पूर्व सैनिकों के संबोधन ने उन्हें देश और जीवन के प्रति और जिम्मेदार होने की सीख दी।

इस मौके पर संस्था ने ‘प्राइड ऑफ नेशन’ अवॉर्ड से प्रतिष्ठित लोगों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में प्रमुख हैं- परमवीर चक्र विजेता सूबेदार यादव, कर्नल संतोख सिंह, गिरीश निशाना व सुरेश चौहान।

संस्था के राष्ट्रीय महासचिव ब्रिगेडियर आरके शर्मा के मुताबिक नई दिल्ली के अलावा वेटरन्स इंडिया ने इसी समय पूरे देश के करीब 1,100 छोटे-बड़ों शहरों में करगिल पराक्रम परेड के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी जिसमें पूर्व सैन्यकर्मियों के अलावा स्थानीय गणमान्य नागरिक तथा आम नागरिक भी शामिल हुए। यह देश के लिए गर्व की बात है।